पुराने समय में कन्नौज में ~""राजा बेन"" - अति धार्मिक - ऐसे सदाचारी राजा थे जो अपना कोई खर्च राज्य से नही लेते थे -कुछ खेती आदि करके उसकी कमाई से अपना खर्च चलाते थे -एक बार किसी काम से राज्य की सेठानिया महारानी से मिलने आयी -महारानी को बिना किसी जेवरात के और साधारण वस्त्रो में देखकर उन्होंने अपनी बातो से रानी के मन में सुंदर कपडो और जेवरात की इच्छा पैदा कर दी -रानी ने राजा से सूंदर कीमती कपड़ो और आभूषणों की माँग की
रानी की मांग पर राजा बेन ने अपनी असमर्थता बतायी कि वे राज्य का धन अपने लिए नही ले सकते - मन्त्रियो के परामर्श पर कि अन्यायी राजा से कर वसूला जा सकता है -राजा बेन ने अपने महामंत्री को लंका के राजा रावण के पास 10 मन सोना कर के रूप में लेने भेजा -बेन के मंत्री की बात सुनकर रावण जोर से हंस पडा - और मंत्री को अपमानित कर भगा दिया -
मंत्री को राजा बेन के त्याग तपस्या और प्रभाव की जानकारी थी -वह लंका के समुद्र तट पर गया और उसने रावण के किला की आकृति बालू से निर्मित की -फिर राजा बेन की दुहाई देकर बालू निर्मित किले का एक बुर्ज गिरा दिया -आश्चर्य की बात तभी रावण के किले का असली बुर्ज भी गिर गया -तुरंत रावण अपने मंत्रियो के साथ वहा पहुंचा और राजा बेन की दुहाई के प्रभाव को देखकर माफी मांगी और 10 मन सोना कर रूप मंत्री को दे दिया
मंत्री सोने लेकर राजा बेन के पास कन्नौज आया -जब रानी को अपने त्यागी राजा बेन के इतने प्रभाव का पता चला -उसने सुंदर कपडो और जेवरात का मोह त्याग दिया और रानी के सोना लेने से इनकार करने के बाद राजा बेन ने पूरा सोना रावण को वापस करा दिया
कन्नौज में देवी मंदिरों में प्रतिष्ठित प्रमुख देविया -श्री फूलमती देवी -श्री मौरारी देवी -श्री गोवेर्धनी देवी- श्री शीतला देवी आदि राजा बेन की 7 पुत्रिया बतायी जाती है -परम सिद्ध राजा बेन की पुत्रिया भी सभी को सिद्धी प्रदान करने वाली है -राजा बेन की पुत्री श्री फूलमती देवी का मंदिर प्रसिद्ध सिद्धपीठ है -यहाँ राजा बेन और रानी जी की शेर के साथ प्रस्तर मूर्ति प्राचीन काल से स्थापित है -गंगा मेला -देवी नवरात्रों आदि में बहुत दूर दूर से भक्त दर्शन करने आते है
रानी की मांग पर राजा बेन ने अपनी असमर्थता बतायी कि वे राज्य का धन अपने लिए नही ले सकते - मन्त्रियो के परामर्श पर कि अन्यायी राजा से कर वसूला जा सकता है -राजा बेन ने अपने महामंत्री को लंका के राजा रावण के पास 10 मन सोना कर के रूप में लेने भेजा -बेन के मंत्री की बात सुनकर रावण जोर से हंस पडा - और मंत्री को अपमानित कर भगा दिया -
मंत्री को राजा बेन के त्याग तपस्या और प्रभाव की जानकारी थी -वह लंका के समुद्र तट पर गया और उसने रावण के किला की आकृति बालू से निर्मित की -फिर राजा बेन की दुहाई देकर बालू निर्मित किले का एक बुर्ज गिरा दिया -आश्चर्य की बात तभी रावण के किले का असली बुर्ज भी गिर गया -तुरंत रावण अपने मंत्रियो के साथ वहा पहुंचा और राजा बेन की दुहाई के प्रभाव को देखकर माफी मांगी और 10 मन सोना कर रूप मंत्री को दे दिया
मंत्री सोने लेकर राजा बेन के पास कन्नौज आया -जब रानी को अपने त्यागी राजा बेन के इतने प्रभाव का पता चला -उसने सुंदर कपडो और जेवरात का मोह त्याग दिया और रानी के सोना लेने से इनकार करने के बाद राजा बेन ने पूरा सोना रावण को वापस करा दिया
कन्नौज में देवी मंदिरों में प्रतिष्ठित प्रमुख देविया -श्री फूलमती देवी -श्री मौरारी देवी -श्री गोवेर्धनी देवी- श्री शीतला देवी आदि राजा बेन की 7 पुत्रिया बतायी जाती है -परम सिद्ध राजा बेन की पुत्रिया भी सभी को सिद्धी प्रदान करने वाली है -राजा बेन की पुत्री श्री फूलमती देवी का मंदिर प्रसिद्ध सिद्धपीठ है -यहाँ राजा बेन और रानी जी की शेर के साथ प्रस्तर मूर्ति प्राचीन काल से स्थापित है -गंगा मेला -देवी नवरात्रों आदि में बहुत दूर दूर से भक्त दर्शन करने आते है
कान्यकुब्ज देश के चक्रवर्ती राजा वेणुचक्र जी
पुराने समय में कन्नौज में ~""राजा बेन"" - अति धार्मिक - ऐसे सदाचारी राजा थे जिनका सूर्य उदय से सूर्यास्त तक राज हुआ करता। जो अपना कोई खर्च राज्य से नही लेते थे -कुछ खेती आदि करके उसकी कमाई से अपना खर्च चलाते थे -एक बार किसी काम से राज्य की सेठानिया महारानी से मिलने आयी महारानी को बिना किसी जेवरात के और साधारण वस्त्रो में देखकर उन्होंने अपनी बातो से रानी के मन में सुंदर कपडो और जेवरात की इच्छा पैदा कर दी -रानी ने राजा से सुंदर कीमती कपड़ो और आभूषणों की माँग की रानी की मांग पर राजा बेन ने अपनी असमर्थता बतायी कि वे राज्य का धन अपने लिए नही ले सकते - मन्त्रियो के परामर्श पर कि अन्यायी राजा से कर वसूला जा सकता है -राजा बेन ने अपने महामंत्री को लंका के राजा रावण के पास 10 मन सोना कर के रूप में लेने भेजा -बेन के मंत्री की बात सुनकर रावण जोर से हंस पडा - और मंत्री को अपमानित कर भगा दिया - मंत्री को राजा बेन के त्याग तपस्या और प्रभाव की जानकारी थी -वह लंका के समुद्र तट पर गया और उसने रावण के किला की आकृति बालू से निर्मित की -फिर राजा बेन की दुहाई देकर बालू निर्मित किले का एक बुर्ज गिरा दिया -आश्चर्य की बात तभी रावण के किले का असली बुर्ज भी गिर गया -तुरंत रावण अपने मंत्रियो के साथ वहा पहुंचा और राजा बेन की दुहाई के प्रभाव को देखकर माफी मांगी और 10 मन सोना कर रूप मंत्री को दे दिया मंत्री सोने लेकर राजा बेन के पास कन्नौज आया -जब रानी को अपने त्यागी राजा बेन के इतने प्रभाव का पता चला -उसने सुंदर कपडो और जेवरात का मोह त्याग दिया और रानी के सोना लेने से इनकार करने के बाद राजा बेन ने पूरा सोना रावण को वापस करा दिया कन्नौज में देवी मंदिरों में प्रतिष्ठित प्रमुख देवियों -श्री फूलमती देवी -श्री सिंहवाहिनी देवी -श्री गोवर्धनी देवी- श्री शीतला देवी आदि राजा बेन की 7 पुत्रियां बतायी जाती है -परम सिद्ध राजा बेन की पुत्रिया भी सभी को सिद्धी प्रदान करने वाली है -राजा बेन की पुत्री श्री फूलमती देवी का मंदिर प्रसिद्ध सिद्धपीठ है -यहाँ राजा बेन और रानी जी की शेर के साथ प्रस्तर मूर्ति खजूर का पंखा लिए है प्राचीन काल से स्थापित है -गंगा मेला - देवी नवरात्रों आदि में बहुत दूर दूर से भक्त दर्शन करने आते हैं। वैसे तो महाराज की अनेक कहानियाँ प्रचलित हैं। कन्नौज के मकरंद नगर स्थित कुतलूपुर में चक्रवर्ती राजा बेन का दरबार है जहां पर राजा बेन की बैठी अवस्था में प्राचीन प्रतिमा हैं।ये मंदिर अति प्राचीन है परंतु वर्तमान स्थिति बहुत ही खराब है।